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मेथी के दाने खाने के फायदे।। अनेक गुणों की खान है मेथी का दाना

हमारे रसोई घर में भोजन बनाने के लिए जिन मसालो का उपयोग किया जाता है। वह केवल खाना बनाने के लिए ही नही बल्कि अनेक रोगों के निवारण के लिए भी किया जाता है। इन मसालो में से एक है मेथी। मेथी की सब्जी और मेथी के दाने का उपयोग कई तरह से किया जाता है। और यह सेहत के लिए भी फायदेमंद  होता है।  मेथीदाने का उपयोग और इसके फायदे - Uses of fenugreek and its benefits in hindi जितने साल जिसकी आयु हो उतने दाने लेकर रोजाना प्रातः खली पेट धीरे-धीरे खूब चबाकर खाते रहने से व्यक्ति सदैव निरोग और चुस्त बना रहेगा और मधुमेह, जोड़ो के दर्द, रक्त चाप, बलगमी बीमारिया, अपचय आदि अनेक रोगों से से लाभ मिलता है। इसके अलावा वृद्धावस्था की व्याधियां जैसे सायटिका घुटनो का दर्द, हाथ पैर का सन्न पङ जाना, मांशपेशियों का खिंचाव, भूख न लगना, बार-बार मूत्र आना चक्कर आना आदि रोगों से लाभ मिलता है। मेथी के नुकसान - Fenugreek losses in hindi (1) मेथी का प्रयोग उन लोगो को नहीं करना चाहिए जिन लोगो को खुनी बवासीर, मूत्र में रक्त आना, पित्त प्रकृति वाले और शरीर में कही से भी खून गिरने की शिकायत हो तो उन्हें मेथी का प्रयो

भगवान गौतम बुद्ध को आत्मज्ञान की प्राप्ति कैसे हुई - वैशाख पूर्णिमा और बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति

सिद्धार्थ जब कपिलवस्तु की सैर पर निकले तो उन्होंने चार दृश्यों को देखा उन्होंने सबसे पहले एक बूढ़े व्यक्ति को देखा तो उन्होंने अपने सारथी से पूछा की यह कौन है। तब सारथी ने कहाँ की यह एक बूढ़ा व्यक्ति है तब सिद्धार्थ ने पूछा की यह बूढ़ा व्यक्ति क्या होता है तो उनके सारथी ने कहा कि एक दिन सभी को बुढ़ा होना है। तब सिद्धार्थ ने पूछा की मैं भी बूढा हो जाऊंगा? तो सारथी ने कहा  हा एक दिन आप भी इनके जैसा हो जायेंगे। फिर सिद्धार्थ और आगे बढे तो उन्होंने एक बीमार व्यक्ति को देखा तो सिद्धार्थ ने फिर सारथी से पूछा की यह कौन है। तब वह सारथी बोला यह एक बीमार व्यक्ति है, यह किसी को हो सकता है।  इसके बाद वह और आगे बढे तो सिद्धार्थ ने एक शव को देखा फिर वह सारथी से पूछते है कि यह क्या है, तब सारथी बोला यह सब एक मृत व्यक्ति को लेकर जा रहे है इस संसार में जो जन्मा है उसको एक दिन मृत्यु को प्राप्त होना ही है। फिर वह अंत में एक सन्यासी को देखा फिर वह सारथी से पूछते है तब वह सारथी बोला की यह एक सन्यासी है यह अपना घर, परिवार और सारी सम्पति का त्याग कर साधु बनकर भगवान की पूजा करता है। यह सब देखने के बाद वह बह