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विद्यार्थी जीवन में खेल कूद का महत्व - What is importance of game saw in Hindi

    Short Essay on importance of sports in life ।। Jivan me khel kud ka mahtva par nibandh शिक्षा मनुष्य के सर्वांगीण विकास के लिए जीवन की आधारशिला है व्यक्ति के विकृत रूप का सच्चे मानवीय रूप में विकास ही शिक्षा का मूल उद्देश्य शिक्षा मस्तिष्क को स्वस्थ बनाती है इस प्रकार शिक्षा की सार्थकता व्यक्ति के शारीरिक मानसिक चारित्रिक और आध्यात्मिक विकास में निहित है। स्वस्थ शरीर तभी संभव है जब यह गतिशील है, खेलकूद व्यायाम आदि से इसे पुष्ट बनाया जाए। इसलिए प्रत्येक देश में स्वाभाविक रूप से खेल कूद और व्यायाम पाए जाते हैं। स्वास्थ्य जीवन का आधार  -  मानव जीवन शरीर से है। हमारे यहां तो कहा भी गया है - ‘शरीरमाध्यम खलु धर्मसाधन’ सच ही है- शरीर के होने पर ही अन्य कोई भी साधन संपन्न हो सकते हैं। ‘जान है तो जहान है’। यहां पर शरीर अथवा जान से तत्पर है स्वस्थ शरीर। जीवन का सबसे बड़ा सुख मानते हुए कहा गया है- पहला सुख निरोगी काया। इसी सुख की प्राप्ति खेल कूद और व्यायाम से होती है। What is importance of game saw in Hindi क्रीड़ा एवं व्यायाम के विभिन्न प्रकार  - शरीर को शक्तिशाली और स्फूर्ति युक्त और ओजस्व

दशहरा पर लघु निबंध - Short essay on Dussehra in Hindi for Class 3

  about dussehra in hindi ।। dussehra par nibandh ।। vijayadashmi par nibandh ।।essay on dasara in hindi हिंदुओं द्वारा मनाए जाने वाले त्योहारों का किसी न किसी रूप में कोई विशेष महत्व जरूर है। इन पर्वों से हमें जीवन में उत्साह के साथ-साथ विशेष आनंद की प्राप्ति होती है। हम इनसे परस्पर प्रेम और भाईचारे की भावना ग्रहण कर अपने जीवन को प्रगति के पथ पर आगे बढ़ाते हैं। साथ ही इन त्योहारों से हमें सच्चाई, आदर्श और नैतिकता की शिक्षा भी मिलती है। हिंदुओं के प्रमुख धार्मिक त्योहारों में होली, रक्षाबंधन, दीपावली तथा जन्माष्टमी की तरह दशहरा (विजयादशमी) भी प्रमुख त्योहार है। Essay on dussehra in hindi दशहरा मनाने का कारण - दशहरा मनाने का कारण यह है कि इस दिन महान पराक्रमी और मर्यादा-पुरुषोत्तम भगवान राम ने महाप्रतापी व अभिमानी लंका नरेश रावण को पराजित ही नहीं किया अपितु उसका अंत करके उसके राज्य पर भी विजय प्राप्त की थी। इस खुशी और उल्लास में यह त्यौहार प्रतिवर्ष अश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी को बड़ी धूम-धाम से मनाया जाता। शक्ति की अधिष्ठात्री देवी दुर्गा के नौ रूपों की नवरात्र पूजन के पश्चात आश्

हिंदी में गांव की सुन्दरता पर निबंध - Essay on beauty of village in Hindi

  Short essay on my village in hindi ।। my village par lekh  प्रस्तावना - हमारा देश भारत गांवों का देश है। यहां की अधिकांश जनसंख्या गांवों में ही निवास करती है। भारत की अर्थव्यवस्था के विकास में कुटीर उद्योग, पशुधन, वन, मौसमी फल एवं सब्जियां इत्यादि इन सब की पूर्ति गावों से ही होती है। वर्तमान में गांव देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। हमारे देश की आत्मा गांव ही है। गांव में ही मेहनतकश किसान व मजदूर निवास करते हैं जो कि देशवासियों के अन्नदाता है। किसानों के परिश्रम से जहां हमें खाद्य सामग्री मिलती है वहीं वे भारतीय अर्थव्यवस्था में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं देश की खुशहाली किसानों के परिश्रम और त्याग पर निर्भर करती है। वैसे तो देश का यदि वास्तविक रूप रेखा है तो गांव में ही इसे देखा जा सकता है। इन सबके अलावा गांव हमारे सभ्यता के प्रतीक हैं। स्वतंत्रता प्राप्ति से पूर्व यदि गांव की ओर ध्यान दिया जाता तो गांव की स्थिति आज कुछ और ही होती है। गांव की विशेषता - शहरों की अपेक्षा आज भी गांव में प्राकृतिक सौंदर्यता अधिक है। वहां प्राकृतिक अपने ही रूप में है, उसने कि

साहित्य क्या है साहित्य किसे कहते - about of sahitya in hindi

  About of sahitya in hindi ।। Sahitya kise kahte hai ।। Sahitya ki paribhasha ।। Essay on sahitya in hindi साहित्य का अर्थ - साहित्य वह है, जिसमें हित की भावना निहित है। साहित्य मानव के सामाजिक संबंधों को दृण बनाता है, क्योंकि साहित्य में संपूर्ण मानव जाति का हित निहित रहता है। साहित्य द्वारा साहित्यकार अपने भावों और विचारों को समाज में प्रसारित करता है, इस कारण उसमें सामाजिक जीवन स्वयं मुखरित हो जाता है। साहित्य और समाज का पारस्परिक सम्बन्ध - साहित्य और समाज का संबंध अन्योन्याश्रित है। साहित्य समाज का प्रतिबिंम्ब है। साहित्य का सर्जन जन-जीवन के धरातल पर ही होता है। समाज की समस्त शोभा, उसकी श्रीसम्पन्नता और मान- मर्यादा साहित्य पर अवलम्बित है। सामाजिक शक्ति या सजिवता, सामाजिक अशांति या निर्जीवता, सामाजिक सभ्यता या असभ्यता का निर्माण एकमात्र साहित्य ही है। कवि एवं समाज एक दूसरे को प्रभावित करते हैं। अतः साहित्य से भीन्न कोई वस्तु नहीं है। यदि समाज शरीर है तो सहित्य उसका मस्तिष्क। Essay on sahitya in hindi साहित्य हमारे अमूर्त अस्पष्ट भावो को मूर्त रूप देता है और उनका परिष्कार करता है

स्वच्छ भारत अभियान पर निबन्ध - swachh Bharat essay in Hindi for 8th class

  essay on clean india in hindi ।। clean india mission essay in hindi ।। clean india healthy india essay in hindi    प्रस्तावना - यह सभी को मालूम है कि 2 अक्टूबर को हमारे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का जन्म हुआ था। इस युग-पुरुष ने भारत सहित पूरे विश्व को मानवता की नई राह दिखाई। हमारे देश में प्रत्येक वर्ष गांधी जी का जन्मदिवस एक राष्ट्रीय पर्व के रूप में मनाया जाता है और इसमें कोई संदेह नहीं है। वर्ष 2014 में 2 अक्टूबर को ससम्मान महात्मा गांधी जी को याद किया गया, लेकिन ‘स्वच्छ भारत अभियान’ की शुरुआत के कारण इस दिन का विशेष महत्व है। स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत एवं उद्देश्य - स्वच्छ भारत अभियान एक देशव्यापी अभियान है। गांधीजी की 145 वी जयंती के अवसर पर माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने इस अभियान के आरंभ की घोषणा की। निश्चित कार्यक्रम के अनुसार प्रधानमंत्री जी ने 2 अक्टूबर के दिन सर्वप्रथम गांधी जी को राजघाट पर श्रद्धांजलि अर्पित की और फिर नई दिल्ली में स्थित वाल्मीकि बस्ती में जाकर झाड़ू लगाई। इसके बाद मोदीजी ने जनपथ जाकर इस अभियान की शुरुआत की और समस्त देशवासियों से स्वच्छ भारत

नारी महत्व पर निबंध हिंदी में - Essay on importance of women in india in hindi

  Essay on importance of women in india in hindi ।। woman empowerment essay in hindi ।। Nari sashaktikaran essay in Hindi प्रस्तावना - भारतीय समाज में नारी सदा से सम्माननीय रही है हमारे यहां विश्वास है जहां नारी का सम्मान होता है वही देवता निवास करते हैं नारी के बिना मानव जीवन का कोई अस्तित्व नहीं रह जाता। नारी के बिना जीवन नीरस, शुष्क और व्यर्थ हो जाता है। नारी का गौरवपूर्ण इतिहास हमें नारी उत्थान की ओर सोचने को विवश करता है। नारी प्रतिदिन उत्थान की ओर अग्रसर है। Essay on importance of women in india in hindi   विभिन्न युगों में नारी का उत्थान - नारी प्राचीन काल से ही भारतीय समाज में उच्च स्थान रखती हैं। प्राचीन युग में गृहालक्ष्मी माने जाने वाली नारी का सामाजिक, राजनीतिक और धार्मिक कार्यों में पुरुष के समान भाग लेने का पूर्ण अधिकार प्राप्त था। स्त्रियां चारों आश्रमों में प्रविष्ट होती थी और वेद-पाठ करती थी। युद्ध के दौरान पुरुषों के साथ नारी भी भाग लेती थी। गृहस्थी का पूर्ण दायित्व यद्यपि उनके ऊपर था, किंतु वे परतंत्र और दासी नहीं थी। किंतु देश की परतंत्र के साथ नारी भी परतंत्र होत

आधुनिक जीवन में विज्ञान का महत्व और इनसे होने वाले नुकसान-essay on science in hindi for students

  Essay on science in hindi ।। Vigyan ke chamatkar par nibandh ।। Essay on science exhibition in hindi विज्ञान आज इश्वर की भांति सर्वव्यापी हो गया है। मानव जीवन का कोई ऐसा क्षेत्र नहीं कोई ऐसा कोन नहीं जहां विज्ञान न हो। मानव सुख सुविधाओं के लिए विज्ञान ने क्या नहीं किया? मनोरंजन के सुलभ साधन रेडियो, टेलीविजन, टेलीफोन सिनेमा ग्रामोफोन ये सभी उपकरण विज्ञान की ही देन है। विज्ञान की बदौलत आज मानव जीवन एक रंगीन कल्पनाओं का सुनहरा संसार बन गया है। काल की दाढ़ में उलझे-कराहते रोगी के लिए विज्ञान नवजीवन का वरदान लेकर प्रकट हुआ है। चिकित्सा के एक से एक साधन विज्ञान उपलब्ध कराता है। शरीर का एक-एक अंग, यहां तक कि हृदय और आंख तक भी विज्ञान के सहारे प्रत्यारोपित किए जा रहे हैं। अब तो परखनली के सहारे सृष्टि सर्जना का भी प्रयास किया जा रहा है। और शव में भी प्राण फूकने के लिए वैज्ञानिक प्रयत्नशील है। Essay on science in hindi।। Essay on scientist in hindi विज्ञान वरदान है - आधुनिक विज्ञान ने मानव सेवा के लिए अनेक प्रकार के साधन जुटा लिए हैं। पुरानी कहानियों में वर्णित अलादीन का चिराग आज मामूली और तु

जनसंख्या वृद्धि की समस्या और उनके निवारण के उपाय - Bharat me jansankhya vridhi ki samsya par nibandh

  जनसंख्या वृद्धि पर निबन्ध  Essay on population growth in hindi प्रस्तावना - आज हमारा देश कई समस्याओं से ग्रसित है, उनमें से एक समस्या है जनसंख्या वृद्धि। आज असंख्य लोगों को रहने के लिए घर, तन ढकने के लिए पर्याप्त वस्त्र और खाने के लिए भरपेट भोजन भी नहीं मिल पाता। आखिर क्यों इसका एकमात्र कारण है- जनसंख्या की अत्यधिक वृद्धि। जनसंख्या की अपार वृद्धि के कारण संपूर्ण देश की प्रगति अवरूद्ध हो रही है। भारतवर्ष में विश्व की कुल जनसंख्या का छठा भाग निवास करती है। सन 1981 की जनगणना के अनुसार भारतवर्ष की जनसंख्या 63.38 करोड़ थी। जबकि सन 1991 की जनगणना के अनुसार यह संख्या बढ़कर 84.39 करोड़ हो गई। मार्च सन् 2001 तक यह आंकड़ा एक अरब तक पहुंच गई। 2011 की जनगणना के अनुसार भारत की जनसंख्या 1 अरब 21 करोड़ है। यधपी जनसंख्या किसी देश अथवा राज्य का प्रमुख तत्व है, और उसके बिना किसी राज्य एवं जाति की कल्पना नहीं की जा सकती, लेकिन जनसंख्या वृद्धि का यह दानव आज सम्पूर्ण भारतवर्ष के सामने एक नई समस्या खड़ा कर रहा है। भारत में जनसंख्या वृद्धि के कारण  Due to population growth in India भारतवर्ष में जनसंख्या क

भारत में दहेज प्रथा की समस्या - Bharat me Dahej pratha ki samsya par nibandh

  दहेज का अर्थ एवं स्वरूप Meaning and form of dowry in hindi dahej pratha आज हमारा समाज अनेक समस्याओं से ग्रसित है। उसमें दहेज की समस्या इतनी दूषित हो गई है कि इसे सामाजिक कोढ या कलंक कहा जाता है। अन्य शब्द में वर्तमान समय में दहेज प्रथा सामाजिक प्रथा के स्थान पर कुप्रथा के रूप में पल्लवित हो गई है। समान रूप से दहेज वह संपत्ति है जो वर पक्ष को विवाह के समय कन्या पक्ष द्वारा स्वेच्छा से प्रदान की जाती है। किंतु अब यह प्रवृत्ति भारतीय समाज में विवशता के रूप में परिवर्तित हो गई है। आज इसका रूप उल्टा हो गया है। दहेज की मांग पर वर पक्ष की ओर से होने लगी है। वर पक्ष दहेज के रूप में अत्यधिक धन, टीवी, फ्रिज, कूलर, कार आदि की मांग करता है। यदि किसी कन्या का पिता इन वस्तुओं को जुटाने में असमर्थ हो जाता है तो उसकी कन्या को सुयोग्य वर नहीं मिल पाता और वह किसी अयोग वर के साथ बांध दी जाती है। आज इस कुप्रथा ने सम्पूर्ण भारतीय समाज को अपनी अजगरी भुजाओं में जकड़ लिया है।  दहेज प्रथा के जन्म के कारण  Due to the birth of dowry system in Hindi।।Essay on dowry system in hindi   प्राचीन काल में धनि और सामन

भ्रष्टाचार की समस्या पर निबन्ध हिंदी में - short essay on corruption in hindi

essay on corruption in hindi।। Bhrastachay par nibandh hindi me।। corruption essay in hindi।।  प्रस्तावना - सामान्य रूप से नीति या विधि विरूद्ध कोई भी कार्य भ्रष्टाचार कि परिभाषा में आता है। पर इस समय पूरे समाज में राजकार्य में ऐसी अराजकता का राज है, मानो सर्वत्र भ्रष्टाचार का ही बोलबाला हो। कोई नियम या कानून की बात सोचता ही नहीं, हर एक उस तोड़ने की फ़िक्र में दिखाई देता है। किसी ने ठीक ही कहा है कि ‘इस समय पूरा देश भ्रष्टाचार के हाथो में बंधक बन गया है। सार्वजनिक जीवन में भ्रष्टाचार के कारण  Causes of corruption in public life  वर्तमान समय में सार्वजनिक जीवन भ्रष्टाचार के दलदल में फस गया है। समाज के अधिकांश क्षेत्रों में विभिन्न प्रकार के रूप दिखाई देते है। भ्रष्टाचार के लिए उत्तरदायी प्रमुख कारण इस प्रकार है। राजनीतिक संरचना में परिवर्तन -  प्राचीन काल में समाज छोटे-छोटे समूहों समुदायों में विभाजित है जिनमें हितों की समानता पाई जाती थी किंतु वर्तमान युग में इनका स्वरूप परिवर्तित हो गया है। बड़े बड़े समूह समुदायों में कतिपय ऐसी व्यवस्थाएं उत्पन्न हो गई है कि उच्च पदों पर बैठे लोग दूस

राष्ट्रप्रेम पर निबन्ध - hindi me deshprem par nibandh

  Deshprem par nibandh in hindi।। Rastraprerm par nibandh।। Swadeshprem par nibandh।। Essay patriotism in hindi भूमिका - प्रत्येक सच्चे मानव में देश-प्रेम का भाव भरा रहता हैं। प्रत्येक व्यक्ति अपने देश की उन्नति के लिए हमेशा ही तात्पर्य रहता है। किसी भी देश का निर्माण उसकी सीमाओं से नहीं होता है, बल्कि उसमें रहने वाले अलग-अलग सांस्कृतिक पहलुओं से होता है। हर क्षेत्र के लोगों की एक अलग सांस्कृतिक पहचान होती है, इसलिए लोग अपनी सांस्कृतिक पहचान तथा सभ्यता को बनाए रखने के लिए अपने देश की सीमा का निर्माण करते हैं। और अपने देश की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। जिससे एक सशक्त और अखंड राष्ट्र का निर्माण होता है। जिनमें देश-प्रेम नहीं होता और जो अपने तुच्छ स्वार्थों की सिद्धि के लिए देश का बड़े से बड़ा अहित करते है उन्हें देशद्रोह कहते है। ये शत्रुओं से मिलकर अपने देश का भेद बतलाते है। तस्करी और चोरबजारी द्वारा अपने देश की आर्थिक व्यवस्था को बिगाड़ने का काम करते है। जयचंद्र और मानसिंह प्रत्येक युग में होते आये है और होते रहेंगे, लेकिन इससे निराश होने कि कोई

Essay on trees in Hindi for students - पेड़ के महत्त्व पर निबंध

Essay on importance of tree in hindi ।। About of tree in hindi ।। Importance of trees essay in hindi Essay on tree in hindi -  नमस्ते दोस्तो आज हम एक महत्वपूर्ण विषय पर अपने विचार साझा कर रहे है। अगर कोई हमारा सच्चा हितैशी है तो वह है पेड़-पौधों। यह हमसे बिना कुछ लिए केवल देना जानती है। पेड़-पौधे प्राथमिक उत्पादक भी है, इन्हीं पर सभी जीव जन्तु निर्भर रहते है। अगर पेड़-पौधों न रहे तो जीवन की कल्पना भी नही की जा सकती। लगभग हमें जिन चीजों की जरूरत होती हैं, उनमें से अधिकांश वस्तुओं की पूर्ति पेड़-पौधों से ही होती है। पेड़-पौधों न केवल हमारे लिए बल्कि जानवरो के लिए भी काफी मायने रखते है। अधिकांश जानवरो और पक्षीयो के आवास और भोजन का मुख्य आधार केवल पेड़ ही है। Essay on importance of tree in hindi पेड़-पौधों अती महत्वपूर्ण होते हुए भी हम सब लगातार इसकी कटाई करते जा रहे हैं, जिसका प्रतिकूल प्रभाव हमे दिखाई दे रहा है, जैसे कि सूखा, बाढ, सुनामी जैसी अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। जितने पेड़ काटे जा रहे है उनमें से आधे भी नही लगाए जा रहे हैं।  इस निबंध के माध्यम से हम यह जानने की कोशिश

होली पर निबंध हिंदी में - Holi par nibandh hindi me

  Essay on holi in hindi।। Holi festival essay on hindi।। Holi par nibandh hindi me।। How to write holi festival essay in hindi प्रस्तावना - होली भारत के प्रमुख त्यौहारो में से एक है। होली त्योहार रंगो का एक शानदार उत्सव है जिसे भारत में हिन्दू धर्म के लोग हर साल बड़ी धूमधाम से मनाते है। यह त्योहार हर साल फाल्गुन माह की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। इस दौरान पूरा वातावरण बहुत सुंदर और रंगीन नजर आता है। यह त्योहार एकता का प्रतीक क्यो की इस  दिन सभी लोग आपसी भेदभाव भुलाकर एकसाथ होली खेलते हैं और इस त्योहार का लुफ्त उठाते हैं। होली का त्योहार क्यों मनाया जाता है - पौराणिक ग्रंथों के अनुसार हिरण्य कश्यप नाम का एक दुष्ट राक्षस रहता था। उसका एक पुत्र था। जिसका नाम प्रहलाद था। वह भगवान विष्णु का परम भक्त था। हिरण्य कश्यप अपने आप को भगवान मानता था। इसलिए उसने अपने राज्य में घोषणा कर दिया की अब से सभी लोग मेरी पूजा किया करे। लेकिन प्रहलाद भगवान विष्णु को भगवान मानता था। और वह उन्हीं की पूजा करता था। भगवान विष्णु की पूजा करने के कारण प्रहलाद को हिरण्य कश्यप अपना शत्रु मानने लगा। इस कारण से वह

पर्यावरण प्रदूषण पर निबंध- Essay on environmental pollution in hindi

  Hindi me paryavaran pradushan par nibandh ।।Best short essay on environmental pollution in hindi ।। How to write essay on environment pollution in exam।।  प्रदूषण का अर्थ - संतुलित वातावरण में ही जीवन का विकास संभव है। प्रकृति द्वारा निर्मित पर्यावरण में अनेक प्रकार के पेड़-पौधे और जिवधारी पाए जाते है। इन सभी जीवधारियों के लिए पर्यावरण अनुकूल है। लेकिन जब वातावरण दूषित होने लगता है। तब जीवधारियों को अनेक प्रकार के समस्याओं के समाधान का सामना करना पड़ता है। वातावरण में जब अनेक प्रकार के हानिकारक तत्व सम्मिलित हो जाते है, तब वातावरण दूषित हो जाता है। तब हम इसे प्रदूषण कहते है। बड़ती जनसंख्या और निरन्तर औद्योगिकरण प्रदूषण की समस्या को जन्म दिया है। और यह समस्या इतनी तेजी से बड़ती जा रही हैं कि जिसके परिणामस्वरूप मानवता को विनाश के कगार पर खड़ी कर दी है। प्रदूषण के प्रकार - आज के समय में वातावरण में प्रदूषण कई रूपो में दिखाई देता है। इनमे से प्रदूषण कुछ इस प्रकार है 1. वायु प्रदूषण - वायु जीवन के लिए सबसे महत्वपूर्ण हैं, प्रत्येक प्राणी को स्वस्थ रहने के लिए शुद्ध हवा की आवश्कता होती ह

आतंकवाद की समस्या पर निबंध -aatankwad par nibandh in hindi

Essay on how to stop terrorism ।। Bharat me atnkvad ki samsya par nibandh ।। Essay on how to stop terrorism in hindi आतंकवाद की अवधारणा - Concept of terrorism Terrorism आतंकवाद शायद व्याख्या की आवश्यकता ही नहीं है। दुनिया भर में आतंकवाद ने इतने निशान छोड़े और यदि अर्थ, समझ में आता है तो इसके इर्द गिर्द घूमते नजर आते हैं- बेरहमी, हैवानियत,अमानवीय व्यवहार से युक्त काले लिबास में कुछ मुट्ठी भर के लोगों के पास सिर्फ मकसद है, जायज़ कारण नहीं है। कला रंग किस ओर इशारा करता है यह तो पता नहीं परन्तु अंधकारमय जीवन की ओर अग्रसर मानवता को अवश्य इंगित करता है। आतंकवाद संगठनों में कोई अपना साम्राज्य स्थापित करना चाहता है, तो कोई अपने धर्म को बढ़ाने के लिए, जिसे जेहाद का नाम दे कर एक समुदाय को अपनी ओर आकर्षित कर उन्हें अन्य से अलग करके समाज कि एकता को तोड़ना चाहते हैं। जेहाद को हथियार बनाकर कुछ महापुरषों ने अपनी सत्ता का जो ख्वाब देखा है, उसमे अब तक न जाने कितनो की बली चढ़ाई जा चुकी हैं, जिनमें बच्चे या बुढ़े, स्त्री हो या पुरुष, अस्थिक हो या नास्तिक, हिन्दू हो या मुस्लिम चाहे जो हो कोई भी अछूता नहीं