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एक सीख प्रेरणा दायक नैतिक कहानी हिंदी में - A learned inspirational moral story in Hindi

  नमस्ते दोस्तों स्वागत है हमारे ब्लॉग पर आज हम आपके लिए एक सीख देने वाली प्रेरणा दायक कहानी लेकर आए हैं आशा करता हूं कि यह नैतिक कहानी आपको जरूर पसंद आयेगा। बच्चों के लिए प्रेरणा दायक नैतिक कहानी - moral story in hindi for children एक बार एक यात्री अपने ऊंट पर बैठकर यात्रा कर रहा था। चलते-चलते एक जंगल आया। जंगल में आग लगी हुई थी। ऐसा लगता था जैसे किसी पूर्व यात्री ने आग जलाई होगी। सूखी लकड़ियों और हवा के झोंके से उस आग ने भयावह रूप ले लिया था। इस भीषण आग को देखकर भी उस यात्री ने अपनी यात्रा जारी रखी। पर तभी किसी ने उसे पुकारा उसने इधर-उधर देखा तो आग के बीच में गिरा हुआ एक बड़ा सर्प दिखाई दिया। लपटों से घिरा हुआ सर्प गर्मी से छटपटा रहा था। उसकी हालत देखकर यात्री को दया आ गई। यात्री जाकर उसने पूछा, क्या मैं तुम्हारी सहायता कर सकता हूं? हां कृपया यहां से निकलने में किसी तरह मेरी सहायता करें सर्प ने कहा। यात्री ने पलभर विचार किया उसने अपना मोटा जिन का थैला निकालकर उसमें एक रस्सी बांधी और उसका एक सिरा बरछे से बांधकर थैला आग में फेंक दिया। सर्प ज्योही उस थैले में प्रविष्ट हुआ यात्री ने थैले

मातृ प्रेम पर एक नैतिक कहानी - A short moral story on mother's love in Hindi

  माँ और बच्चे पर हिंदी में लघु कहानी - Short story in hindi on mother and baby नमस्ते दोस्तों स्वागत है हमारे ब्लॉग पर आज हम आपके लिए मातृ प्रेम पर के नैतिक कहानी लेकर आए हैं। दोस्तो यह कहानी हेनरी नाम का एक छोटा सा बच्चा का है। जो अपनी मां का निस्वार्थ भाव से सेवा करता है। हेनरी का मातृ प्रेम - A moral story on maternal love in Hindi एक गरीब विधवा का हेनरी नाम का एक छोटा पुत्र था। वह बहुत ही प्यारा बच्चा था। प्रतिदिन मां बच्चे को तैयार करके काम पर जाती थी और शाम को काम समाप्त कर भोजन लेकर घर आती थी। बच्चा दिन भर अपना और घर का ख्याल रखता था। साफ सफाई करता तथा सभी वस्तुओं को यथावत रखा करता था। घर के चारों ओर के बगीचों की भी देखभाल किया करता था। घर के सामने ही एक बड़ी पहाड़ी थी और उसके बगल में एक नदी बहती थी। वहीं बैठकर मां और पुत्र अपना खाली समय व्यतीत किया करते थे। एक दिन अचानक हेनरी की मां बीमार हो गई। हेनरी परेशान हो गया वह न तो किसी वैध को जानता था और ना ही उसके पास इतने पैसे थे। उसे कुछ समझ नहीं आ रहा था। सोचते-सोचते उसे एक विचार आया वह एक बाल्टी लेकर दौड़कर नदी पर गया और ताजा पान

स्वप्न पर एक नैतिक कहानी हिंदी में - A moral story on dream in Hindi

    नमस्ते दोस्तो स्वागत है हमारे ब्लॉग पर आज हम आपके लिए एक स्वप्न पर आधारिक नैतिक कहानी लेकर आए हैं। यह कहानी क्लार्क नाम के एक छोटे से बच्चे की है। क्लार्क को पनीर बेहद पसंद है। लेकिन वह इसे खूब खाना चाहता है। इस कहानी में हम जानेंगे की क्लार्क की यह आदत कैसे  छुटती है। पनीर की चाहत - World's famous Moral Story in Hindi एक गांव था जहां बहुत सारी दुग्धशालाएं थी। वहां के लोग दूध तथा दूध से बनी वस्तुओं का व्यापार करते थे। वही उनकी आजीविका थी। क्लार्क एक किसान का पुत्र था और उसके पिता जी की भी एक दुग्धशाला थी। जहां दूध से दही, पनीर, छाछ, मक्खन आदि बना करता था। प्रतिदिन विद्यालय जाने से पूर्व क्लार्क दुग्ध साला जाकर अपने पिताजी की सहायता किया करता था। क्लार्क को पनीर बेहद पसंद था वह हर समय बस पनीर ही खाना चाहता था। एक रात की बात है। सब ने रात्रि का भोजन कर लिया था। क्लार्क का पेट भरा हुआ था पर उसकी इच्छा थोड़ा और पनीर खाने की हुई पर उसकी मां ने पेट दर्द के भय से और पनीर उसे नहीं दिया। वह बहन के पास गया पर उसने भी उसे और पनीर नहीं दिया। क्लार्क रोता हुआ, भारी मन से सोने चला गया। उसके

जादू पर नैतिक कहानी हिंदी में - Moral story on magic in hindi

  नमस्ते दोस्तो स्वागत है हमारे ब्लॉग पर आज हम आपके लिए जादू पर एक नैतिक कहानी लेकर आए हैं। दोस्तो यह कहानी है, एक ऐसे पेड़ की जो हर जरूरत मंद व्यक्ति की मदद करता है। दोस्तो आशा करता हूं कि यह नैतिक कहानी आपको जरूर पसंद आयेगा। भलाई में सुख -  Moral story on magic for children in hindi बहुत समय पहले की बात है। एक गांव में एक जादुई पेड़ था। जो भी व्यक्ति उस पेड़ को पानी डालकर अपनी इच्छा के अनुसार मांगता, वह उसकी इच्छा पूरी कर देता। एक व्यक्ति उस पेड़ के पास आया और उसे पानी डाला और बदले में धन मांगा। पेड़ ने उस व्यक्ति को ढेर सारा धन दिया। वह आदमी पेड़ को धन्यवाद करके चला गया। इसी तरह कई लोग उस वृक्ष को पानी डालकर अपनी इच्छा अनुसार कुछ न कुछ मांगने लगे।पेड़ सभी लोगों की इच्छा पूरी करता रहा। जिससे गरीब लोगों को खूब फायदा होने लगा। लेकिन कुछ सालों बाद पेड़ बूढ़ा हो गया और उसकी शक्तियां समाप्त हो गई। अब वह किसी की इच्छा पूरी करने के लायक नहीं रहा। एक दिन एक औरत उस पेड़ के पास आई और बोली, हे पेड़ मुझे खाने के लिए कुछ अनाज चाहिए। लेकिन पेड़ उस औरत की इच्छा पूरी नहीं कर सका। वह औरत वहां से नारा

ईमानदारी पर नैतिक कहानी हिंदी में - Moral story on honesty in hindi

Moral story in hindi for children ।। Unique moral story in hindi ।। Moral stories on morality in hindi नमस्ते दोस्तो स्वागत है हमारे ब्लॉग पर आज हम आपके लिए नैतिकता के साथ लघु कहानी लेकर आए हैं। दोस्तो नैतिक कहानी पढ़ने से अच्छे संस्कार का विकास होता है। नैतिक कहानी पढ़ना बच्चों को काफी पसंद होता। नैतिक कहानी पढ़ने से बच्चो में समाजिक ज्ञान बढ़ता। इसलिए सभी बच्चों को नैतिक कहानी पढ़ना चाहिए। ईमानदारी का फल - Moral story in hindi with good personality बाबूलाल नाम का एक इमानदार पेंटर रहता था। वह अपना काम पूरी ईमानदारी से किया करता था। लेकिन वह बहुत ही गरीब था। वह घर-घर जाकर पेंट किया करता था। उसकी आमदनी बहुत कम थी, दिन भर की मेहनत के बाद भी वह केवल दो वक्त की रोटी जुटा पाता था। वह हमेशा चाहता था कि उसे कोई बड़ा काम मिले जिससे उसकी अच्छी आमदनी हो सके। पर वह छोटे-छोटे भी काम पूरी लगन और ईमानदारी से किया करता था। एक बार उसके गांव के एक जमीदार ने उसे बुलाया और कहा! सुनो बाबूलाल तुम्हें एक जरूरी काम के लिए मैं बुलाया हूं। क्या तुम वह काम करोगे? बाबूलाल करता है, हां मालिक अवश्य करूंगा बताइए क्

हिंदी में नैतिक पाठ के साथ परिवार के बारे में लघु कथाएँ - Short stories about family with moral text in hindi

  Hindi story on importance of family ।।Hindi stories on importance of family for kids नमस्ते दोस्तो स्वागत है हमारे ब्लॉग पर आज हम आपके लिए नैतिक कहानी लेकर आए हैं। दोस्तो हमारे जीवन में सबसे करीब लोग है तो, वे है हमारे परिवार लोग जो हमारे सुख-दुःख में हमेशा हमारे साथ खड़े रहते हैं। इसलिए हम हमेशा अपनी का ख्याल रखना चाहिए। ऐसे ही प्रेरणा दायक कहानी आप सभी के साथ शेयर कर रहा हूं।  समझदार राहुल - best moral story in hindi for elders एक बड़े शहर में उत्कर्ष नाम का एक व्यक्ति अपनी पत्नी दिव्या और बेटे राहुल के साथ रहता था। एक दिन उत्कर्ष के बाबू अचानक शहर आ जाते हैं। बाबू जी को देखकर उत्कर्ष ने उनसे पूछता है। बाबू जी आप यहां कैसे? तब बाबू जी बोलते हैं, बेटा मुझे बहु ने फोन करके बुलाया है। तब उत्कर्ष करता है! पिताजी आप यात्रा करके आए हैं, थक गए होंगे आप चलिए आराम कर लीजिए। बाबू जी कमरे में जाकर आराम करने लगते हैं। अब उत्कर्ष अपनी पत्नी दिव्या के पास जाकर पूछता है, दिव्या तुम्हने बाबू जी को बुलाया है। दिव्या बोली हां मैंने ही बाबू जी को फोन करके बुलाया हूं। तब उत्कर्ष पूछता है, आखिर क्यों?

हिंदी में नैतिक के साथ लघु धार्मिक कहानी - Short religious story with moral in Hindi

  Laghu dharmik Kahani in hindi ।। Moral story in hindi for religious ।। Best moral story in hindi Moral story  नैतिक कहानी पढ़ना सभी को अच्छा लगता है, एक तो इसमें सामाजिक और नैतिक ज्ञान होता है और साथ ही इससे हमें जानकारी भी प्राप्त होती हैं, खासकर बच्चों को।  Moral story  शिक्षा भी मिलती हैं। तो हम आज ऐसे ही प्रेरणा दायक कहानी आप लोगों के साथ शेयर कर रहे हैं। आशा करता हूं कि यह आपको पसंद जरूर आएगा। अगर यह पसंद आए तो इसे और लोगो तक शेयर जरूर करें। मूर्ख ब्राह्मण - moral story in hindi for every one एक गांव में सुमेश्वर नाम का एक गरीब ब्राह्मण रहता था। वह मां दुर्गा का परम भक्त था। एक बार वह अपने गुरु की अज्ञा अनुसार मां दुर्गा की तपस्या करने का निश्चय किया। वह एक घने जंगल में चला गया। और एक बड़े से पेड़ के नीचे एक पैर पर खड़े होकर तपस्या करने लगा। बहुत दिन बीत गए। कड़ी धूप, बारिश तथा तेज हवा चली लेकिन सुमेश्वर वहीं डटा रहा। और अपनी एकाग्रता भंग होने नहीं दिया। सुमेश्वर की कड़ी तपस्या देखकर मां दुर्गा उस पर प्रसन्न हो गई। और मां दुर्गा ने उसको दर्शन देते हुए बोली, वत्स आखे खोलो! मै तुम

दो प्रोत्साहन देने वाली लघुकथाएँ - Two encourageable short stories in hindi

हौसला बढ़ाने वाली दो कहानियां ,उम्मीद कभी न खोना - never lose hope।। Best short stories in hindi ।। Two encourageable short stories।। Running motivation story in Hindi 1. अनमोल एक दस साल का लड़का था। वह खेलो में बहुत अच्छा था। उसने अपने स्कूल में बहुत सी दौड़े जीती थी। एक बार उसका चयन एक धावक के रूप में अपने स्कूल का प्रतिनिधित्व करने के लिए अंतर विद्यालयी खेल प्रतयोगिता में हुआ। जबकि वह एक बहुत अच्छा धावक था फिर भी वह घबराने लगा क्योंकि प्रतियोगिता काफी कठिन होगी। तभी, उसने एक छोटी सी चिटी को चीनी के एक दाने को ले जाते देखा। वह दीवार पर चढ़ने का प्रयास कर रही थी परन्तु वह बार-बार असफल हो रही थी। उसने प्रयत्न जारी रखा और अंत में वह अपनी मंजिल पर पहुंचने में सफल हुई। चिटी को देखकर, अनमोल ने सोचा कि यदि एक चिटी जैसे छोटे से प्राणी ने उम्मीद नहीं खोई और अपनी मंजिल तक पहुंच गई, तो वह क्यों हिम्मत हार जाए? उसे उम्मीद और हिम्मत नहीं हारनी चाहिए। मुझे अपने लक्ष्य को पाने के लिए सबसे बेहतर प्रदर्शन करना चाहिए। अगले दिन से ही उसने अधिक से अधिक अभ्यास शुरू कर दिया। अन्तिम दौड़ में वह आत्मविश्वास