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आपकी कीमत यह प्रेरणा दायक कहानी जरूर पढ़ें - Best motivational story in hindi for every person

  Best motivational story in hindi for students ।। Best motivational story in hindi for IAS ।। Hindi motivational story for every one नमस्ते दोस्तो स्वागत है हमारे ब्लॉग पर आज हम आपके लिए एक ऐसी प्रेरणा दायक कहानी लेकर आए हैं, जिसे पढ़ने से आपके अंदर हमेशा सकारात्मक ऊर्जा का विकास होगा। दोस्तो हम सभी लोगो के पास एक असीम ऊर्जा होती हैं। बस जरूरत है, तो उसका सही इस्तेमाल करना। तो दोस्तो इसी से सम्बन्धी एक प्रेरणा दायक कहानी आप सभी के साथ शेयर कर रहे हैं। तुम्हारी यही कीमत है - motivational story in hindi बहुत समय पहले एक गांव में सुरेश नाम का एक आदमी रहता था। सुरेश बहुत गरीब था, वह एक सेठ के यहां काम करता था। जो उसे बहुत कम मेहनताना देता था। जब भी सुरेश सेठ से मेहनताना बढ़ाने के लिए कहता, तो उससे सेठ बोलता तुम इतने पैसे में ही खुश रहो, तुम्हारी यही कीमत है। इस बात से सुरेश बहुत दुखी रहता था। एक दिन वह दुखी मन से अपने घर की ओर जा रहा था। तभी उसे एक वृक्ष के नीचे ज्ञानी महात्मा ध्यान में बैठे दिखे। सुरेश चुपचाप उस महात्मा के पास जाकर बैठ गया। महात्मा को जब उसकी उपस्थिति महसूस हुई तो, उन्हो

जीवन में सफलता पाना है तो अपने दिल की सुनो - secret of success motivational story in hindi for every one

  जीवन में सफलता कैसे पाएं - best motivational story in hindi for students, best success motivational story in hindi for students, some inspirational stories in hindi for students Motivational story -  अगर जीवन में सफल होना है तो बस अपने दिल की सुनो। एक लक्ष्य निर्धारित करो और पूरा फोकस अपने लक्ष्य पर लगा दो, यह मत ध्यान दो की लोग क्या कहेंगे । क्योकि यह मायने नही रखता की लोग क्या सोचेंगे। लेकिन यह ज्यादा मायने रखता है कि आप अपने बारे में क्या सोचते है। इसलिए आप जो अपना लक्ष्य निर्धारित किये है। बस उसी पर ध्यान दे और बाकि सब भूल जाये। इसी से सम्बंधित एक प्रेरक प्रसंग आप सभी के साथ शेयर कर रहा हूं। एक बार कुछ युवकों के समूह में सबसे पहले पहाड़ पर  चढ़ने की शर्त लगी। सभी युवको ने पहाङ पर चड़ना आरम्भ किया , लेकिन उनमें से तो कुछ युवक पहाड़ पर थोङी ऊपर चढ़ते ही फिसलने लगे वह डर की वजह से आशा छोङकर वापस नीचे उतर आये और उनमें से कुछ ने तो साहस करके पहाड़ केे मध्य भाग तक तो पहुच गये लेकिन पहाड़  काफी ऊंचा था इसलिए उनमे से जो लोग बीच तक चढ़े थे डर कि वजह से वापस नीचे उतर आतेे है। लेकिन उनमें से

भगवान गौतम बुद्ध को आत्मज्ञान की प्राप्ति कैसे हुई - वैशाख पूर्णिमा और बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति

सिद्धार्थ जब कपिलवस्तु की सैर पर निकले तो उन्होंने चार दृश्यों को देखा उन्होंने सबसे पहले एक बूढ़े व्यक्ति को देखा तो उन्होंने अपने सारथी से पूछा की यह कौन है। तब सारथी ने कहाँ की यह एक बूढ़ा व्यक्ति है तब सिद्धार्थ ने पूछा की यह बूढ़ा व्यक्ति क्या होता है तो उनके सारथी ने कहा कि एक दिन सभी को बुढ़ा होना है। तब सिद्धार्थ ने पूछा की मैं भी बूढा हो जाऊंगा? तो सारथी ने कहा  हा एक दिन आप भी इनके जैसा हो जायेंगे। फिर सिद्धार्थ और आगे बढे तो उन्होंने एक बीमार व्यक्ति को देखा तो सिद्धार्थ ने फिर सारथी से पूछा की यह कौन है। तब वह सारथी बोला यह एक बीमार व्यक्ति है, यह किसी को हो सकता है।  इसके बाद वह और आगे बढे तो सिद्धार्थ ने एक शव को देखा फिर वह सारथी से पूछते है कि यह क्या है, तब सारथी बोला यह सब एक मृत व्यक्ति को लेकर जा रहे है इस संसार में जो जन्मा है उसको एक दिन मृत्यु को प्राप्त होना ही है। फिर वह अंत में एक सन्यासी को देखा फिर वह सारथी से पूछते है तब वह सारथी बोला की यह एक सन्यासी है यह अपना घर, परिवार और सारी सम्पति का त्याग कर साधु बनकर भगवान की पूजा करता है। यह सब देखने के बाद वह बह